बैंक ने आपकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया? RBI तक पहुंचने का पूरा रास्ता
Editorial Team · 2026-09-12
बैंक ने आपकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया? RBI तक पहुंचने का पूरा रास्ता
ज्यादातर क्रेडिट कार्ड विवादों का समाधान बैंक के स्तर पर ही हो जाता है, अगर आप लगातार फॉलो-अप करें। लेकिन जब बैंक मामले को टालता है, संतोषजनक जवाब नहीं देता या जवाब ही नहीं देता, तो RBI के जरिए शिकायत को आगे बढ़ाने का एक मुफ्त और व्यवस्थित रास्ता मौजूद है। 1 जुलाई 2026 से यह एक नए अपडेट किए गए नियम के तहत चलता है।
क्या बदला: RB-IOS 2026
Reserve Bank - Integrated Ombudsman Scheme, 2026 ने 1 जुलाई 2026 को 2021 वाली योजना की जगह ली। मूल विचार वही है—एक देश, एक लोकपाल। एक ही पोर्टल के जरिए बैंकों, ज्यादातर एनबीएफसी, गैर-बैंक प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट जारीकर्ताओं और क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों (CIBIL, Experian, Equifax, CRIF) से जुड़ी शिकायतें की जा सकती हैं। 1 जुलाई 2026 से पहले दर्ज शिकायतें पुरानी 2021 योजना के तहत जारी रहेंगी; उसके बाद दर्ज शिकायतें नई योजना के तहत आएंगी। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां इस योजना के दायरे में नहीं हैं।
पूरी प्रक्रिया, चरण-दर-चरण
| चरण | क्या करना है | समयसीमा |
|---|---|---|
| 1 | सबसे पहले बैंक या कार्ड जारीकर्ता के पास लिखित शिकायत करें | तुरंत |
| 2 | बैंक के जवाब का इंतजार करें | 30 दिन |
| 3 | जवाब न मिले या जवाब से संतुष्ट न हों | cms.rbi.org.in पर शिकायत करें |
| 4 | RBI में शिकायत दर्ज करें | बैंक के अंतिम जवाब या लागू समयसीमा समाप्त होने के 90 दिनों के भीतर |
पहला चरण छोड़ा नहीं जा सकता। बैंक से पहले शिकायत किए बिना सीधे RBI लोकपाल के पास जाने पर शिकायत पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कहां और कैसे शिकायत करें?
- ऑनलाइन: cms.rbi.org.in, आधिकारिक Complaint Management System पोर्टल
- टोल-फ्री: 14448; आईवीआर सेवा 24x7 उपलब्ध है और लाइव एजेंट सोमवार से शनिवार, सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहते हैं
- भाषा: शिकायत अंग्रेजी, हिंदी या क्षेत्रीय भाषा में की जा सकती है
- शुल्क: पूरी प्रक्रिया मुफ्त है
आपको वास्तव में क्या मिल सकता है?
| नुकसान का प्रकार | अधिकतम मुआवजा |
|---|---|
| परिणामी वित्तीय नुकसान | ₹30 लाख तक |
| समय की हानि, किए गए खर्च और उत्पीड़न | ₹3 लाख तक |
RBI लोकपाल प्राप्त होने वाली अधिकांश शिकायतों का निपटारा करता है। हालिया वार्षिक रिपोर्टों में निपटान दर 95% से अधिक रही है।
किन मामलों में शिकायत स्वीकार नहीं होगी?
- ऐसी शिकायतें जो पहले से अदालत, ट्रिब्यूनल या मध्यस्थ के सामने लंबित हों या वहां निपट चुकी हों
- ऐसे मामले जो वास्तविक सेवा में कमी के बजाय केवल सवाल या सुझाव हों
- ऐसी संस्थाएं जो योजना के दायरे में नहीं आतीं
- बैंक की शिकायत अवधि समाप्त होने से पहले दर्ज की गई शिकायतें, जब तक बैंक ने अंतिम असंतोषजनक जवाब न दिया हो
अपनी शिकायत को प्रभावी बनाने के तरीके
सबसे पहले बैंक को हर बात लिखित रूप में दें। ईमेल या बैंक के ऐप अथवा शिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायत आपको संदर्भ संख्या और तारीख देती है।
30 दिन की अवधि पूरी होने दें, लेकिन उससे ज्यादा अनावश्यक इंतजार न करें। अगर समयसीमा बीत गई और समस्या हल नहीं हुई, तो RBI में शिकायत करें।
cms.rbi.org.in पर शिकायत करते समय सभी सबूत लगाएं। लेन-देन के स्क्रीनशॉट, बैंक को की गई मूल शिकायत और बैंक का जवाब या जवाब न मिलने का प्रमाण मामले को मजबूत करता है।
यह स्पष्ट बताएं कि सेवा में कमी क्या हुई है। शिकायत में समस्या, तारीख और बैंक से मांगे गए समाधान को स्पष्ट रूप से लिखें।
यह क्रेडिट ब्यूरो की गलतियों पर भी लागू हो सकता है। अगर CIBIL, Experian, Equifax या CRIF से औपचारिक विवाद के बाद भी गलत प्रविष्टि ठीक नहीं होती, तो ऐसी शिकायत भी RB-IOS, 2026 के दायरे में आ सकती है।